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Thursday, 7 May 2020

दिल की कलम से....

समय...

स्लेट को जीभ से चाटकर अक्षर मिटाने की हमारी स्थाई आदत थी लेकिन इसमें पापबोध भी था कि कहीं विद्यामाता नाराज न हो जायें ।

पढ़ाई का तनाव हमने पेन्सिल का पिछला हिस्सा चबाकर मिटाया था ।

स्कूल में टाट पट्टी की अनुपलब्धता में घर से बोरी का टुकड़ा बगल में दबा कर ले जाना भी हमारी दिनचर्या थी ।

पुस्तक के बीच विद्या , पौधे की पत्ती और मोरपंख रखने से हम होशियार हो जाएंगे ऐसा हमारा दृढ विश्वास था । 

कपड़े के थैले में किताब कॉपियां जमाने का विन्यास हमारा रचनात्मक कौशल था ।

हर साल जब नई कक्षा के बस्ते बंधते तब कॉपी किताबों पर जिल्द चढ़ाना हमारे जीवन का वार्षिक उत्सव था ।

माता पिता को हमारी पढ़ाई की कोई फ़िक्र नहीं थी , न हमारी पढ़ाई उनकी जेब पर बोझा थी । सालों साल बीत जाते पर माता पिता के कदम हमारे स्कूल में न पड़ते थे ।   

एक दोस्त को साईकिल के डंडे पर और दूसरे को पीछे कैरियर पर बिठा हमने कितने रास्ते नापें हैं , यह अब याद नहीं बस कुछ धुंधली सी स्मृतियां हैं ।   

स्कूल में पिटते हुए और मुर्गा बनते हमारा ईगो हमें कभी परेशान नहीं करता था , दरअसल हम जानते ही नही थे कि ईगो होता क्या है ?

पिटाई हमारे दैनिक जीवन की सहज सामान्य प्रक्रिया थी ,पीटने वाला और पिटने वाला दोनो खुश थे , पिटने वाला इसलिए कि कम पिटे ,  पीटने वाला इसलिए खुश कि हाथ साफ़ हुवा।

हम अपने माता पिता को कभी नहीं बता पाए कि हम उन्हें कितना प्यार करते हैं क्योंकि हमें आई लव यू कहना नहीं आता था ।

आज हम गिरते - सम्भलते , संघर्ष करते दुनियां का हिस्सा बन चुके हैं , कुछ मंजिल पा गये हैं तो कुछ न जाने कहां खो गए हैं ।

हम दुनिया में कहीं भी हों लेकिन यह सच है , हमे हकीकतों ने पाला है , हम सच की दुनियां में थे ।

कपड़ों को सिलवटों से बचाए रखना और रिश्तों को औपचारिकता से बनाए रखना हमें कभी नहीं आया इस मामले में हम सदा मूरख ही रहे ।

अपना अपना प्रारब्ध झेलते हुए हम आज भी ख्वाब बुन रहे हैं , शायद ख्वाब बुनना ही हमें जिन्दा रखे है वरना जो जीवन हम जीकर आये हैं उसके सामने यह वर्तमान कुछ भी नहीं ।

हम अच्छे थे या बुरे थे पर हम एक समय थे, काश वो समय फिर लौट आए ।
  "बस यूंही"


Saturday, 28 March 2020

क्रोना वायरस से लड़ने में हमारे देश का सहयोग करेंगें


सभी देशवासियों से मेरा अपील है । क्रोना वायरस से लड़ने में हमारे देश का सहयोग करेंगें । आपलोगो को पहले से पता होगा कि गर्मी से करोना वायरस मर जाता है । हमारे मेडिकल टीम ने अभी अभी यह खोज निकाला है कि शरीर के अंदर का तापमान बढ़ा देने से कोरोना का प्रभाव 90% कम हो जाती है । इसके लिए आप नीचे दी गई सभी सामग्रियों का सेवन करना लगातार शुरू कर दे ।

1 दिन में 2 बार 2-2 कच्चे लहसुन का सेवन करे ।

2 दूध में डाल कर प्रत्येक दिन 1 चम्मच हल्दी का सेवन नियमित करें।

3 अनार एवं पपीता का सेवन जरूर करें।

4 ग्रीन टी का प्रयोग नियमित करें।

5 आजवाइन , तुलसी पत्ता , काली मिर्च , अदरक का काढ़ा बनाकर नियमित ले ।

इसे अधिक से अधिक शेयर करे ताकि इसका लाभ शहरी क्षेत्रों के साथ ग्रामीण इलाकों के लोग भी अधिक से लाभ उठायें

Ist hand information


Dear friends
Our Doctor who recovered from Corona illness and recovered in double quick time had inhaled Steam.
The doctors at IDH Corona centre too are continually inhaling steam.

Steaming raises the temperature of lungs, throat and mouth so that if the virus is already there it gets inactivate due to high temperature.

Yes that’s true as viruses sit in the throat first.

That’s why even if there is someone sneezing in your office and you come home and inhale and gargle with warm water and salt, usually you will not get the flu.

I recommend for everyone who is able to do it -
1. Use steam inhalation everyday - morning and evening if possible,
2. Gargle with warm water and salt daily - morning and evening if possible.

This is a good daily practice which will improve your overall well-being and can be continued even after COVID19 ends.

Please also pass this information for the benefit of others

Friday, 27 March 2020

आप देखो इसमें कहाँ फिट हो



प्राकृतिक महामारी पर सरकार और समाज पर  जिम्मेदारी का वटवारा इस प्रकार है

1 सरकारी कर्मचारी जी

सबकुछ मिलेगा सेलरी + भत्ता

2 सेवा संस्था कर्मचारी जी

सबकुछ मिलेगा सेवा करो

3 प्राइवेट ऑफिस कर्मचारी जी
कुछ सेलरी तो मिलेगी पर कार्य घर से करो

4 प्राइवेट मार्केटिंग कर्मचारी जी

कुछ सेलरी तो मिलेगी पर भत्ता नहीं

5 छोटे व्यापारी जी या दुकानदार जी
अपना खर्चा स्वम उठाये 

6 कंपनी व्यापारी जी
 अपना खर्चा स्वम उठाये और  कर्मचारीयों को भी सैलरी दो और सरकार को टेक्स भी दो  और नेताओं को  पार्टी फंड दो
और सेवा करो  दान दो

6 मजदूर व गरीब कर्मचारी
सरकार व समाज सेवी संस्थाएं  आपकी खाने की  मदद कर रही है
[5:54 pm, 27/03/2020] Neelam Didi Indore: 7 सरकार जी
सारी व्यवस्था मै
चाहे पुलिस की सेवा, मेवा,
हॉस्पिटल व्यवस्था
आटा सब्जी दाल व्यवस्था
जिसमे आपको किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े
 बस
आप स्वस्थ रहे घर पर रहे
अगले 21दिन आदेश का पालन करे जिससे इस संकट से आप,  हम निकल सके
जान है तो जहाँन है 

Stay Home - song


Thursday, 26 March 2020

Time Pass on Home Stay

मैरीगोल्ड के हर बिस्कुट में 22 छेद होते हैं...
और पूरे पैकेट के बिस्कुटों
में 440 ..
अभी 21 दिन है और भी ज्ञान की बाते बताऊंगा...


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भाइयो AIM कंपनी की माचिस मत लेना
50 तीली लिखते है और 48 निकलती है।
चोट्टे साले
जनहित में जारी !

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पंखा बंद करने पर 1 मिनट 43 सेकंड के बाद रुकता है, ऐसे टाइम पास कर रहा हूं, 21 दिन और नई नई जानकारी देते रहूंगा..
धन्यवाद कहने की कोई ज़रूरत नहीं है,
आप सब अपने हैं !

कुछ भी हो जाये बाहर तो नही जाऊंगा घर मे ही रहूंगा ।

सलमान खान का कबूतर जा जा गीत में कुल 231 बार जा जा आता है।

 माधुरी के धक धक करने वाले गीत में कुल 132 बार धक धक आता है।

 सौदागर से "इलू इलू" गीत में कुल 298 बार इलू इलू आता है।

 और दलेर मेहंदी की तुनक तुनक में कुल 398 , 432 तून और 219 तारारा आता है ।।

 यदि इनमें से कोई भूल चुक  हो तो गिन लेना और यदि आपके पास कोई  दूसरा गीत हो तो भेज देना फ्री बैठा हु ।

कुछ भी हो जाये बाहर तो नही जाऊंगा घर मे ही रहूंगा ।

अब समय आ गया है कि, घर के बाहर नही निकले और घर की सब्जियों का आनंद लेना ही विकल्प है..



  1 - दही का रायता (प्रतिदिन)
  2 - कढ़ी (हफ्ते में दो बार) दही न हो तो अमचूर की कड़ी बना सकते हो।।
  3 - बेसन गट्टे (हफ्ते में दो बार)
  4 - दाल (एक टाइम हफ्ते में
  5 - राजमा (हफ्ते में दो बार)
  6 - छोले (हफ्ते में दो बार)
  7 - मंगोड़ी का साग
  8 - मूंग भिगोकर
  9 - गोरी मोठ भिगोकर
10 - चना भिगोंकर छोकना
 11 - दाना मेथी
 12 - सांगरी
 13 - आचार / चटनी
 14 - बेसन चीले की सब्जी
  15 - मूंग मोगर
  16 - चँवले की सब्जी
  17 - पापड़ की सब्जी
  18 - सेव टमाटर की सब्जी
  19 - चना दाल की सब्जी
  20 - राबडी
  21- पोहा
  22 - पचमेडा दाल
  23 - दाल बाटी
  24 - दाल ढोकली
  25 - इडली सांभर
  26 - बेसन के ताये
  27 - भुजिये की सब्जी।
     
अगर कोरोना वायरस से लड़ना है, तो घर के बाहर नही निकलना वह बाजार में सब्जियों खरीदने के लिए जाने की भी जरूरत नही होगी।
घर पर रहे, सुरक्षित रहें
. और हां कुछ नी समझ आये तो इंदौरी सेंव और जिरावन से 4 रोटी तो आराम से पेट भर सकते हो।।

इंदौर में मैंने घर में रहने की समस्या का हल ढूंढ लिया है ।


मैंने अपने घर के सभी कमरों के नाम रख दिये हैं, जैसे -

ड्राइंग रूम का नाम - राजवाड़ा
डाइनिंग रूम का नाम - 56 दुकान
बीच के कॉरिडोर का - बंगाली चौराहा
एक कमरे का नाम - बसंत विहार
दूसरे कमरे का नाम - साकेत नगर तीसरे कमरे का नाम - सुदामा नगर
बरामदे का नाम - दशहरा मैदान
बालकनी का नाम - रालामंडल
देव घर का नाम - खजराना मंदिर
बाथरूम का नाम - बिलावली
पार्कींग का नाम - सरवटे बस स्टैंड
गार्डन का नाम - मेघदूत

अब जहां मर्ज़ी होती है पैदल ही घूम आता हूँ ।