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Thursday, 7 May 2020

दिल की कलम से....

समय...

स्लेट को जीभ से चाटकर अक्षर मिटाने की हमारी स्थाई आदत थी लेकिन इसमें पापबोध भी था कि कहीं विद्यामाता नाराज न हो जायें ।

पढ़ाई का तनाव हमने पेन्सिल का पिछला हिस्सा चबाकर मिटाया था ।

स्कूल में टाट पट्टी की अनुपलब्धता में घर से बोरी का टुकड़ा बगल में दबा कर ले जाना भी हमारी दिनचर्या थी ।

पुस्तक के बीच विद्या , पौधे की पत्ती और मोरपंख रखने से हम होशियार हो जाएंगे ऐसा हमारा दृढ विश्वास था । 

कपड़े के थैले में किताब कॉपियां जमाने का विन्यास हमारा रचनात्मक कौशल था ।

हर साल जब नई कक्षा के बस्ते बंधते तब कॉपी किताबों पर जिल्द चढ़ाना हमारे जीवन का वार्षिक उत्सव था ।

माता पिता को हमारी पढ़ाई की कोई फ़िक्र नहीं थी , न हमारी पढ़ाई उनकी जेब पर बोझा थी । सालों साल बीत जाते पर माता पिता के कदम हमारे स्कूल में न पड़ते थे ।   

एक दोस्त को साईकिल के डंडे पर और दूसरे को पीछे कैरियर पर बिठा हमने कितने रास्ते नापें हैं , यह अब याद नहीं बस कुछ धुंधली सी स्मृतियां हैं ।   

स्कूल में पिटते हुए और मुर्गा बनते हमारा ईगो हमें कभी परेशान नहीं करता था , दरअसल हम जानते ही नही थे कि ईगो होता क्या है ?

पिटाई हमारे दैनिक जीवन की सहज सामान्य प्रक्रिया थी ,पीटने वाला और पिटने वाला दोनो खुश थे , पिटने वाला इसलिए कि कम पिटे ,  पीटने वाला इसलिए खुश कि हाथ साफ़ हुवा।

हम अपने माता पिता को कभी नहीं बता पाए कि हम उन्हें कितना प्यार करते हैं क्योंकि हमें आई लव यू कहना नहीं आता था ।

आज हम गिरते - सम्भलते , संघर्ष करते दुनियां का हिस्सा बन चुके हैं , कुछ मंजिल पा गये हैं तो कुछ न जाने कहां खो गए हैं ।

हम दुनिया में कहीं भी हों लेकिन यह सच है , हमे हकीकतों ने पाला है , हम सच की दुनियां में थे ।

कपड़ों को सिलवटों से बचाए रखना और रिश्तों को औपचारिकता से बनाए रखना हमें कभी नहीं आया इस मामले में हम सदा मूरख ही रहे ।

अपना अपना प्रारब्ध झेलते हुए हम आज भी ख्वाब बुन रहे हैं , शायद ख्वाब बुनना ही हमें जिन्दा रखे है वरना जो जीवन हम जीकर आये हैं उसके सामने यह वर्तमान कुछ भी नहीं ।

हम अच्छे थे या बुरे थे पर हम एक समय थे, काश वो समय फिर लौट आए ।
  "बस यूंही"


Sunday, 22 September 2019

आइये पत्तल की परंपरा को पुनर्जिवित करें

आइये पत्तल की परंपरा को पुनर्जिवित करें

🍀पत्तलों से लाभ :
1. सबसे पहले तो उसे धोना नहीं पड़ेगा, इसको हम सीधा मिटटी में दबा सकते है।
2. न पानी नष्ट होगा।
3. न ही कामवाली रखनी पड़ेगी, मासिक खर्च भी बचेगा।
4. न केमिकल उपयोग करने पड़ेंगे l
5. न केमिकल द्वारा शरीर को आंतरिक हानि पहुंचेगी।
6. अधिक से अधिक वृक्ष उगाये जायेंगे, जिससे कि अधिक आक्सीजन भी मिलेगी।
7. प्रदूषण भी घटेगा।
8. सबसे महत्वपूर्ण झूठे पत्तलों को एक जगह गाड़ने पर, खाद का निर्माण किया जा सकता है, एवं मिटटी की उपजाऊ क्षमता को भी बढ़ाया जा सकता है।
9. पत्तल बनाने वालों को भी रोजगार प्राप्त होगा।
10. सबसे मुख्य लाभ, आप नदियों को दूषित होने से बहुत बड़े स्तर पर बचा सकते हैं, जैसे कि आप जानते ही हैं कि जो पानी आप बर्तन धोने में उपयोग कर रहे हो, वो #केमिकल वाला पानी, पहले नाले में जायेगा, फिर आगे जाकर #नदियों में ही छोड़ दिया जायेगा। जो #जल #प्रदूषण में आपको सहयोगी बनाता है।

🍀आजकल हर जगह #भंडारे, #विवाह शादियों , #birthday पार्टियों में #डिस्पोजेबल की जगह इन पत्तलों का प्रचलन करना चाहिए।

 #Save_Mother_Earth
#Environment....

Thursday, 8 November 2018

Diwali bring you happiness and prosperity.

*"प्रकाश व प्रसन्नता   के पावन पव॔ दीपावली पर आपको एवं आपके परिवार को   अनेकानेक मंगलमय शुभकामनाएं..
धन, वैभव, एवं यश के साथ आप स्वस्थ रहें ,खुश रहें ,विकास करें, और आपका मुझे हमेशा स्नेह मिले यही मेरी शुभकामनाएँ  हैं



May this Diwali bring you happiness and prosperity.
May Goddess Lakshmi bless you
And give you strength to achieve success in whatever you do!



💥💥
May thousands of lamps light up your life,
With endless happiness, richness, health, and wealth forever.
Wishing you and your family a Happy Diwali.




Wishes for a year filled with prosperity, health and lots of fun! Hope you and your family have a happy Diwali!





आपको व आपके परिवार को मेरी व मेरे परिवार की तरफ से पवित्र त्यौहार दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं.!!

प्रभु आपको सुख , शांति, शक्ति, सम्पति, स्वरुप, संयम, सादगी, सफलता, समृद्धि,संस्कार, और  स्वास्थ्य दे।                
इन्ही कामनाओ के साथ दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं.!!




Light a lamp of love!
Blast a chain of sorrow!
Shoot a rocket of prosperity!
Fire a flowerpot of happiness!
Wish u and your family..
A VERY SPARKLING DIWALI







Friday, 26 October 2018

इस गीत को हर सुहागन से शेयर करें और सौ गुना फ़ल पायें ....

" सुहागन दे करवा , ,......
सुहागन ले करवा.........."

सुबह सवेरे उठ के.......
करवा माता धयाये.......
नहा धो कर वसत्र पहन ले.....
जो पिया को भाये.......

सुहागन ले करवा.....
सुहागन दे करवा......

चूड़ी बिंदी लिपस्टिक लगा कर...
हो जाऔ तैयार.....
करवाचौथ मनाऔ.........
और पाऔ पति का प्यार........

सुहागन दे करवा.........
सुहागन ले करवा........

सोने का तेरा दीवला......
चाँदी की तेरी बाती.....
सौभाग्य तू पाये.........
प्यार बढ़े दिन राती........

सुहागन दे करवा.......
सुहागन ले करवा.......

व्रत रख के कहानी सुनके...
चाँद को देवे अरक.......
करवा माता कृपा करे.....
करदे घर को स्वरग............

सुहागन दे करवा.......
सुहागन ले करवा.......,,

☀ 👩👸👩👸👩 ☀

इस गीत को हर सुहागन से शेयर करें और सौ गुना फ़ल पायें ....
धन्यवाद....

Sunday, 7 October 2018

यह नज़्म आज से 35 साल पहले, हक़ीम सईद साहिब ने कही थी।



जहाँ तक काम चलता हो ग़ज़ा से,
वहाँ तक चाहिए बचना दवा से।

अगर ख़ून कम बने, बलगम ज़्यादा,
तो खायें गाज़र, चने, शलगम ज़्यादा।

 ज़िगर के बल पे है इंसान जीता,
अगर ज़हफ़ जिगर है तो खा पपीता।

 ज़िगर में हो अगर गर्मी का एहसास,
 मुरब्बा आंवला खा या अनन्नास।

अगर होती है माएदा मे गरानी,
तो पी ले सौंफ या अदरक का पानी।

थकन से हों अगर अज़लात ढीले ,
तो फ़ौरन दूध गर्मा गरम पी ले।

जो दुखता हो गला नज़ले के मारे,
तो कर नमकीन पानी के ग़रारे।

अगर हो दर्द से दांतों के बे कुल,
तो ऊँगली से मसूड़ो पर नमक मल।

जो ताक़त मे कमी होती हो महसूस,
तो मिश्री की डली मुल्तान की चूस।

शिफा चाहिए अगर खाँसी से जल्दी,
तो पी ले दूध में थोड़ी सी हल्दी।

अगर कानों में तकलीफ़ होए,
तो सरसों का तेल फाये से निचोड़ें।

अगर आँखों में पड़ जाते हो जाले,
तो दखनी मिर्च घी के साथ खा ले।

 तपेदिक से अगर चाहिए रिहाई,
बदल पानी का गन्ना चूस भाई।

 दमा मे यह ग़ज़ा बेशक है अच्छी,
 खटाई छोड़ खा दरिया की मछली।

अगर तुझ को लगे जाड़े में सर्दी ,
तो इस्तेमाल कर अंडे की ज़र्दी।

जो बदहज़मी में तू चाहे अफाका,
तो दो एक वक्त कर ले तू फ़ाक़ा।

प्लीज शेयर करें। शुक्रिया।

Wednesday, 26 September 2018

यह नज़्म आज से 35 साल पहले, हक़ीम सईद साहिब ने कही थी।



जहाँ तक काम चलता हो ग़ज़ा से,
वहाँ तक चाहिए बचना दवा से।

अगर ख़ून कम बने, बलगम ज़्यादा,
तो खायें गाज़र, चने, शलगम ज़्यादा।

 ज़िगर के बल पे है इंसान जीता,
अगर ज़हफ़ जिगर है तो खा पपीता।

 ज़िगर में हो अगर गर्मी का एहसास,
 मुरब्बा आंवला खा या अनन्नास।

अगर होती है माएदा मे गरानी,
तो पी ले सौंफ या अदरक का पानी।

थकन से हों अगर अज़लात ढीले ,
तो फ़ौरन दूध गर्मा गरम पी ले।

जो दुखता हो गला नज़ले के मारे,
तो कर नमकीन पानी के ग़रारे।

अगर हो दर्द से दांतों के बे कुल,
तो ऊँगली से मसूड़ो पर नमक मल।

जो ताक़त मे कमी होती हो महसूस,
तो मिश्री की डली मुल्तान की चूस।

शिफा चाहिए अगर खाँसी से जल्दी,
तो पी ले दूध में थोड़ी सी हल्दी।

अगर कानों में तकलीफ़ होए,
तो सरसों का तेल फाये से निचोड़ें।

अगर आँखों में पड़ जाते हो जाले,
तो दखनी मिर्च घी के साथ खा ले।

 तपेदिक से अगर चाहिए रिहाई,
बदल पानी का गन्ना चूस भाई।

 दमा मे यह ग़ज़ा बेशक है अच्छी,
 खटाई छोड़ खा दरिया की मछली।

अगर तुझ को लगे जाड़े में सर्दी ,
तो इस्तेमाल कर अंडे की ज़र्दी।

जो बदहज़मी में तू चाहे अफाका,
तो दो एक वक्त कर ले तू फ़ाक़ा।

प्लीज शेयर करें। शुक्रिया।

Monday, 17 September 2018

गुप्ता के घर की रोटी,गुप्ता के घर की दाल।

गुप्ता के घर की रोटी,गुप्ता के घर की दाल।

        छप्पन भोग में भी नही ऐसा कमाल।

गुप्ता  के  घर  का आचार
        बदल देता है विचार।

 
 गुप्ता के घर  का पानी।     
शुद्ध करे वाणी।

   गुप्ता के घर  के फल और फूल।
      उतार देती है जन्मों -जन्मों की घूल।
  गुप्ता की छाया।
        बदल देती है काया।

 गुप्ता के घर  का रायता।
        मिलती है चारों और से सहायता।
गुप्ता के घर के आम।
       नई सुबह नई शाम
 गुप्ता के घर का हलवा
      दिखाता है जलवा।

 गुप्ता की सेवा।
     मिलता है मिश्री और मेवा।

    💐💐  जय बोलो  💐💐
 🌷     श्री कृष्ण  भगवान कीजय गुप्ता  हो तो आगे शेयर जरूर करें

Friday, 24 August 2018

Believe in Y O U R S E L F

      चूहा अगर पत्थर का हो तो
             सब उसे पूजते हैं

      मगर जिन्दा हो तो मारे बिना
              चैन नहीं लेते हैं

         साँप अगर पत्थर का हो
            तो सब उसे पूजते हैं

       मगर जिन्दा हो तो उसी वक़्त
                   मार देते हैं

       माँ बाप अगर "तस्वीरों" में हो
               तो सब पूजते हैं

       मगर जिन्दा है तो कीमत नहीं
                    समझते"

       बस यही समझ नहीं आता के
       ज़िन्दगी से इतनी नफरत क्यों

                       और

        पत्थरों से इतनी मोहब्बत क्यों

          जिस तरह लोग मुर्दे इंसान को
           कंधा देना पुण्य समझते हैं​

       काश" इस तरह' ज़िन्दा" इंसान
       को सहारा देंना पुण्य  समझने
        लगे तो ज़िन्दगी आसान हो
             जायेगी​
एक बार जरूर सोचिए

                 Believe in
            Y O U R S E L F

Thursday, 23 August 2018

जरूर पढें बहुत सुन्दर कथा



एक महिला रोज मंदिर जाती थी ! एक दिन उस महिला ने पुजारी से कहा अब मैं मंदिर नही आया करूँगी !
इस पर पुजारी ने पूछा -- क्यों ?
तब महिला बोली -- मैं देखती हूँ लोग मंदिर परिसर में अपने फोन से अपने व्यापार की बात करते हैं ! कुछ ने तो मंदिर को ही गपशप करने का स्थान चुन रखा है ! कुछ पूजा कम पाखंड,दिखावा ज्यादा करते हैं !
इस पर पुजारी कुछ देर तक चुप रहे फिर कहा -- सही है ! परंतु अपना अंतिम निर्णय लेने से पहले क्या आप मेरे कहने से कुछ कर सकती हैं !
महिला बोली -आप बताइए क्या करना है ?
पुजारी ने कहा -- एक गिलास पानी भर लीजिए और 2 बार मंदिर परिसर के अंदर परिक्रमा लगाइए । शर्त ये है कि गिलास का पानी गिरना नहीं चाहिये !
महिला बोली -- मैं ऐसा कर सकती हूँ !
फिर थोड़ी ही देर में उस महिला ने ऐसा ही कर दिखाया !
उसके बाद मंदिर के पुजारी ने महिला से 3 सवाल पूछे -
1.क्या आपने किसी को फोन पर बात करते देखा !
2.क्या आपने किसी को मंदिर में गपशप करते देखा !
3.क्या किसी को पाखंड करते देखा !
महिला बोली -- नहीं मैंने कुछ भी नहीं देखा !
फिर पुजारी बोले --- जब आप परिक्रमा लगा रही थीं तो आपका पूरा ध्यान गिलास पर था कि इसमें से पानी न गिर जाए इसलिए आपको कुछ दिखाई नहीं दिया, अब जब भी आप मंदिर आयें तो अपना ध्यान सिर्फ़ परम पिता परमात्मा में ही लगाना फिर आपको कुछ दिखाई नहीं देगा ! सिर्फ भगवान ही सर्वत्र दिखाई देगें ... !!
!! जाकी रही भावना जैसी ..
प्रभु मूरत देखी तिन तैसी !!
जीवन मे दुःखो के लिए कौन जिम्मेदार है ?
👉🏻ना भगवान,
👉🏻ना गृह-नक्षत्र,
👉🏻ना भाग्य,
👉🏻ना रिश्तेदार,
👉🏻ना पडोसी,
👉🏻ना सरकार,
जिम्मेदार आप स्वयं है
1) आपका सरदर्द, फालतू विचार का परिणाम
2) पेट दर्द, गलत खाने का परिणाम
3) आपका कर्ज, जरूरत से ज्यादा खर्चे का परिणाम
4) आपका दुर्बल /मोटा /बीमार शरीर, गलत जीवन शैली का परिणाम
5) आपके कोर्ट केस, आप के अहंकार का परिणाम
6) आपके फालतू विवाद, ज्यादा व् व्यर्थ बोलने का परिणाम
*उपरोक्त कारणों के अलावा सैकड़ों कारण है और बेवजह दोषारोपण दूसरों पर करते रहते
इसमें ईश्वर दोषी नहीं है
अगर हम इन कष्टों के कारणों पर बारिकी से विचार करें तो पाएंगे की कहीं न कहीं हमारी मूर्खताएं ही इनके पीछे है।।

आपका जीवन प्रकाशमय हो तथा शुभ हो

Sunday, 19 August 2018

कुछ रह तो नहीं गया ?

कुछ रह तो नहीं गया ?

😑 3 महीने के बच्चे को दाई के पास रखकर जॉब पर जाने वाली माँ को दाई ने पूछा... "कुछ रह तो नहीं गया...?
पर्स, चाबी सब ले लिया ना...?"

अब वो कैसे हाँ कहे..?
पैसे के पीछे भागते भागते... सब कुछ पाने की ख्वाईश में वो जिसके लिये सब कुछ कर रही है,
वह ही रह गया है..

😑 शादी में दुल्हन को बिदा करते ही शादी का हॉल खाली करते हुए दुल्हन की बुआ ने पूछा... "भैया, कुछ रह तो नहीं गया ना..?
चेक करो ठीक से ।"
.. बाप चेक करने गया तो दुल्हन के रूम में कुछ फूल सूखे पड़े थे।
 सब कुछ तो पीछे रह गया...
 25 साल जो नाम लेकर जिसको आवाज देता था लाड़ से...
वो नाम पीछे रह गया और उस नाम के आगे गर्व से जो नाम लगाता था, वो नाम भी पीछे रह गया अब...

"भैया, देखा ?
 कुछ पीछे तो नहीं रह गया ?"
 बुआ के इस सवाल पर आँखों में आये आंसू छुपाते बाप जुबाँ से तो नहीं बोला....
पर दिल में एक ही आवाज थी...

सब कुछ तो यही रह गया...

😑 बडी तमन्नाओं के साथ बेटे को पढ़ाई के लिए विदेश भेजा था और वह पढ़कर वहीं सैटल हो गया....
पौत्र जन्म पर बमुश्किल 3 माह का वीजा मिला था और चलते वक्त बेटे ने प्रश्न किया "सब कुछ चेक कर लिया? कुछ रह तो नहीं गया...?"
क्या जबाब देते कि
अब छूटने को बचा ही क्या है...

😑 60 वर्ष पूर्ण कर सेवानिवृत्ति की शाम पी.ए. ने याद दिलाया "चेक कर लें सर। कुछ रह तो नहीं गया...? "
थोड़ा रूका और सोचा कि पूरी जिन्दगी तो यहीं आने-जाने में बीत गई,
अब और क्या रह गया होगा...?

😑 "कुछ रह तो नहीं गया ?

श्मशान से लौटते वक्त बेटे ने
एक बार फिर से गर्दन घुमाई
एक बार पीछे देखने के लिए..
पिता की चिता की सुलगती आग देखकर मन भर आया।
 भागते हुए गया, पिता के चेहरे की झलक तलाशने की असफल कोशिश की और वापिस लौट आया।

दोस्त ने पूछा... "कुछ रह गया था क्या...?"

भरी आँखों से बोला...
नहीं कुछ भी नहीं रहा अब...
और जो कुछ भी रह गया है वह सदा मेरे साथ रहेगा।।

😑 एक बार समय निकालकर सोचें, शायद पुराना समय याद आ जाए, आंखें भर आएं और आज को जी भर जीने का मकसद मिल जाए।

........मैं अपने सभी दोस्तों से ये ही बोलना चाहता हूँ,

यारों क्या पता कब
इस जीवन की शाम हो जाये..

इससे पहले ऐसा हो सब को गले लगा लो, दो प्यार भरी बातें कर लो..

ताकि कुछ छूट न जाये..

Saturday, 18 August 2018

शादी के बाद - शादी के पहले

जिनकी शादी नही हुई🔸🔸जी लो ❕
जिनकी शादी हो गयी🔸🔸🔸झेलो ❕❕
          🙉  🙊
शादी के बाद बेड़रुम कैसे
महकता है

3 साल तक-

परफ्यूम
चाकलेट
स्ट्राबेरी
ग्रेप्स

3 साल बाद-

जानसन पावड़र
जानसन क्रीम 
बेबी लोशन
हगीस ड़ायपर

15 साल बाद-

झंड़ू बाम 
विक्स
आयोडेक्स
मूव

40 साल बाद-

अगरबत्ती
धुप बत्ती

आदमी के हालात कैसे बदलते हैं🔼 ज़रा गौर कीजिये -

शादी के पहले – हीरो नं🔸 1
शादी के बाद – कुली नं🔸 1

शादी के पहले – मैंने प्यार किया
शादी के बाद – ये मैंने क्या किया

शादी के पहले – जानेमन मत जाओ
शादी के बाद – जान मत खाओ

शादी के पहले – तुम बिन रहा ना जाए
शादी के बाद – तुमको सहा ना जाए

शादी के पहले – कुछ तो बोलो
शादी के बाद – कभी चुप भी हो लो

शादी के पहले – आय लव यू
शादी के बाद – आज फिर आलू

शादी के पहले – मिलने कब आओगी
शादी के बाद – मायके कब जाओगी
❕❕❕❕
‌🇬‌🇷‌🇴‌🇺‌🇵 कीसी का भी हो ❕❕
पर ‌🇩‌🇭‌🇦‌🇲‌🇦‌🇰‌🇦 हमारा ही होगा ❕❕❕ 

हम आज भी अपने हुनर मे दम रखते है🔼 
होश उड़ जाते है लोगो के🔼 जब 🔸🔸 ‌🇼‌🇭‌🇦‌🇹‌🇸‌🇦‌🇵‌🇵 में कदम रखते है

रक्षाबंधन का अर्थः.......?

रक्षाबंधन का अर्थः.......?

र = 🌹रक्षा करना बहन की 🌹
क्षा=🌹क्षमा करना बहन को 🌹
बं = 🌹 बंधन से मुक्त करना बहन को  🌹
ध = 🌹ध्यान रखना बहन का  🌹
न = 🌹नही भूलना बहन को 🌹
ये संदेश अपने सभी भाई बहन को भेजना
एक बहन के खातिर

****************

ज्यादा  ख़्वाहिशें  नहीं  ऐ जिंदगी  तुझसे,
बस  अगला  कदम  पिछले  से  बेहतरीन  हो..!

शुप्रभात
Good Morning

अटल बिहारी वाजपेयी जी

मौत खड़ी थी सर पर 
इसी इंतजार में थी 
ना झूकेगा ध्वज मेरा 
15 अगस्त के मौके पर
तू ठहर इंतजार कर 
लहराने दे बुलंद इसे 
मैं  एक दिन और लड़ूंगा 
मौत तेरे से  
मंजूर नही है कभी मुझे 
झुके तिंरगा स्वतंत्रता के मौके पे  😢😢

 🙏   कोटि कोटि नमन  🙏
    भारत रत्न वाजपेयी जी
       💐💐🌷🌷💐💐

अटलजी
राजनैतिक क्षेत्र में आए तब पार्टी अस्तित्व के लिए संघर्षरत थी

और शरीर छोड़ा तब अपने पीछे 
अपनी पार्टी का 
• राष्ट्रपति, 
• उपराष्ट्रपति, 
• प्रधानमंत्री, 
• लोकसभा अध्यक्ष, 
• 22 राज्यों के मुख्यमंत्री, 
• 30 राज्योंके राज्यपाल 
ऐसी संपदा छोड़कर गए है!
इसे कहते है कर्तृत्व!
हम भी जिस संस्था से जुडें, वहां ऐसा ही कर्तृत्व करें!
******************************************


आज देवगण भी इठला रहे होंगे उन्होंने युगऋषि जो पाया है स्वर्ग भी उनके स्वागत की पूरी तैयारी कर चुका होगा,आज भारतभूमि ने एक अजातशत्रु रत्न को खो दिया आप सदैव इस देश की हवाओ में अमर् रहेंगे 
आप अटल थे अटल ही रहेंगे !
सादर प्रणाम राजऋषि 💐
😢😢😢😢😢😢😢😢😢

सूर्य तो फिर भी उगेगा, 
धूप तो फिर भी खिलेगी, 
लेकिन मेरी बगीची की 
हरी-हरी दूब पर, 
ओस की बूंद 
हर मौसम में नहीं मिलेगी... 


~ अटल बिहारी बाजपेयी 
(25 दिसंबर 1924 - 16 अगस्त 2018)

अटल बिहारी बाजपाई जी की जन्मतिथी एवं आज की तारीख का संयोग 🤔🤔🕉🕉🕉
25.12.1924
2+5+1+2+1+9+2+4 =26

16.08.2018
1+6+0+8+2+0+1+8 = 26

26 -26  =  0
🙏🏻 ऊँ शाँति  ऊँ 🙏🏻

***************************************



सत्ता का खेल तो चलता रहेगा,
पार्टियां आएंगी,जाएंगी,
सरकार बनेगी, बिगड़ेंगी,
मगर ये देश रहना चाहिए!!
अटल जी के इन शब्दों से ज्यादा और कुछ प्रेरणादायी नहीं हैं
वे नेता नहीं,उर्जा और प्रेरणा के स्त्रोत हैं!!
"भारत रतन" पूर्व प्रधानमंत्री आदरणीय अटल बिहारी वाजपेयी जी का निधन भारत राष्ट्र के लिए अपूरणीय क्षति है| शत शत नमन



***************************************************

बड़ी रौनक होगी आज 
भगवान के दरबार में
एक फरिश्ता पहुँचा है जमीं से आसमान में
#अटलबिहारीवाजपेयी 😢🙏

💐💐💐 सादर नमन

*********************************************************************************

दो भारत रत्न
 ATAL और LATA
दो नाम, समान, alphabets.
उलटा सीधा दोनों महान ।






महानायक महाप्रयाण लेने को है,
बिदाई की बेला है आंखे नम होनी स्वाभाविक है, 
पूरा देश थम सा गया है, प्रार्थनाओं का दौर शुरू है,
पूरा देश सजदे में झुक गया है,
ऐसी जिंदगी बिरलों को ही मिलती है,
हे महानायक!! आप अजातशत्रु हैं, 
अटल कहीं जाते नही, अटल अजर अमर हैं,
जो हमारा आत्मबल है, वो सिर्फ और सिर्फ़ अटल है ।

Saturday, 21 July 2018

कबीर दास एक बार स्नान करने गये वहीं पर कुछ ब्राह्मण अपने पूर्वजों को पानी दे रहे थे,

कबीर दास एक बार स्नान करने गये वहीं पर कुछ ब्राह्मण अपने पूर्वजों को पानी दे रहे थे,
तब कबीर ने भी स्नान किया और पानी देने लगे,

 इस पर सभी ब्राह्मण हँसने लगे और कहने लगे कि
 "कबीर तू तो इन सब में विश्वास नहीं करता , हमारा विरोध करता है,"

और आज वही कार्य तुम भी कर रहे हो ?,, जो हम कर रहे हैं ।

कबीर ने कहा," नहीं ,मैं तो अपने बगीचे में पानी दे रहा हूँ , "

कबीर की इस बात पर ब्राह्मण लोग हँसने लगे और कबीर से कहने लगे कि  "कबीर जी तुम बौरा गये हो , तुम पानी इस तलाब में दे रहे हो तो बगीचे में कैसे पहुँच जायेगा ?

कबीर ने कहा जब तुम्हारा दिया पानी इस लोक से पितरलोक चला जा सकता है  तुम्हारे पूर्वजों के पास ...

 ...तो मेरा बगीचा तो इसी लोक में है तो वहाँ कैसे नहीं जा सकता है,, सभी ब्राह्मणों का सिर नीचे हो गया ।

देना है पानी,भोजन,कपडा़ तो अपने जीवित माँ बाप को दो... उनके जाने के बाद तुम जो भी देना चाहोगे... वो उन तक तो नहीं...बल्कि पाखंडियों के घरों में पहुँचेगा ।

बुद्ध से बुद्धि मिली ,
कबीर से मिला ज्ञान                 
करना है करो प्यारो                   
जीते जी सम्मान..

एक भक्त था वह परमात्मा को बहुत मानता था,

एक भक्त था वह परमात्मा को बहुत मानता था,
बड़े प्रेम और भाव से उनकी सेवा
किया करता था ।

एक दिन भगवान से
कहने लगा –

मैं आपकी इतनी भक्ति करता हूँ पर आज तक मुझे आपकी अनुभूति नहीं हुई ।

मैं चाहता हूँ कि आप भले ही मुझे दर्शन ना दे पर ऐसा कुछ कीजिये की मुझे ये अनुभव हो की आप हो।

भगवान ने कहा ठीक है,
तुम रोज सुबह समुद्र के किनारे सैर पर जाते हो,
जब तुम रेत पर
चलोगे तो तुम्हे दो पैरो की जगह चार पैर दिखाई देंगे ।
दो तुम्हारे पैर होंगे और दो पैरो के निशान मेरे होंगे ।

इस तरह तुम्हे मेरी
अनुभूति होगी ।

अगले दिन वह सैर पर गया,
जब वह रेत पर चलने लगा तो उसे अपने पैरों के साथ-साथ दो पैर और भी दिखाई दिये वह बड़ा खुश हुआ ।

अब रोज ऐसा होने लगा ।

एक बार उसे व्यापार में घाटा हुआ सब कुछ चला गया,
वह रोड़ पर आ गया उसके अपनो ने उसका साथ छोड दिया ।

देखो यही इस दुनिया की प्रॉब्लम है, मुसीबत में सब साथ छोड़ देते है ।

अब वह सैर पर गया तो उसे चार पैरों की जगह दो पैर दिखाई दिये ।

उसे बड़ा आश्चर्य हुआ कि बुरे वक्त में भगवान ने भी साथ छोड दिया।

धीरे-धीरे सब कुछ ठीक होने लगा फिर सब लोग उसके
पास वापस आने लगे ।

एक दिन जब वह सैर
पर गया तो उसने देखा कि चार पैर वापस दिखाई देने लगे ।

उससे अब रहा नही गया,
वह बोला-

भगवान जब मेरा बुरा वक्त था तो सब ने मेरा साथ छोड़ दिया था पर मुझे इस बात का गम नहीं था क्योकि इस दुनिया में ऐसा ही होता है,
पर आप ने भी उस समय मेरा साथ छोड़ दिया था,
ऐसा क्यों किया?

भगवान ने कहा –

तुमने ये कैसे सोच लिया कि मैं तुम्हारा साथ छोड़ दूँगा,
तुम्हारे बुरे वक्त में जो रेत पर तुमने दो पैर के निशान देखे वे तुम्हारे पैरों के नहीं मेरे पैरों के थे,

उस समय में तुम्हे अपनी गोद में उठाकर चलता था और आज जब तुम्हारा बुरा वक्त खत्म हो गया तो मैंने तुम्हे नीचे उतार दिया है ।

इसलिए तुम्हे फिर से चार पैर दिखाई दे रहे ।

So moral is never loose faith on God. U believe in him, he will look after u forever.

✔जब भी बड़ो के साथ बैठो तो परमात्मा का धन्यवाद , क्योंकि कुछ लोग इन लम्हों को तरसते हैं ।

✔जब भी अपने काम पर जाओ तो परमात्मा का धन्यवाद , क्योंकि बहुत से लोग बेरोजगार हैं ।

✔परमात्मा का धन्यवाद कहो कि तुम तन्दुरुस्त हो , क्योंकि बीमार किसी भी कीमत पर सेहत खरीदने की ख्वाहिश रखते हैं ।

✔ परमात्मा का धन्यवाद कहो कि तुम जिन्दा हो , क्योंकि मरते हुए लोगों से पूछो जिंदगी की कीमत क्या होती है।

दोस्तों की ख़ुशी के लिए तो कई मैसेज भेजते हैं । देखते हैं परमात्मा के धन्यवाद का ये मैसेज कितने लोग शेयर करते हैं । 

Saturday, 14 July 2018

ये औरतें भी न!




दो मिनट की आरामदायक और
बच्चों के पसंद की ज़ायकेदार मैगी को छोड़,
किचन में गर्मी में तप कर
हरी सब्ज़ियाँ बनाती फिरती हैं।
बच्चे मुँह बिचकाकर
नाराज़गी दिखलाते हैं सो अलग,
फिर भी बाज नहीं आती।

! ये औरतें भी न,

जब किसी बात पे दिल दुखे ,
तो घर मे अकेले में आँसुओं
की झड़ी लगा देगी।
लेकिन बाहर अपनी सहेलियों के
सामने तो ऐसे मुस्कुरायेगी,
जैसे उसके जितना
सुखी कोई नहीं।

! ये औरतें भी न,

जब कभी लड़ लेगी पति से,
तो सोच लेगी अब मुझे
तुमसे कोई मतलब नहीं।
लेकिन शाम में जब घर आने में
पति महाशय को देर हो जाये,
तो घड़ी पे टक-टकी
लगाए रहेगी।
और बच्चों से बोलेगी,
"फोन कर के पापा से पूछो
आये क्यों नहीं अभी तक?"

अरे यार! ये औरतें भी न,

तिनका तिनका जोड़कर
अपने आशियाने को बनाती
और सजाती हैं,
चलती और ढलती रहती
है सबके अनुसार।
लेकिन कभी एक कदम भी
बढ़ा ले अपने अनुसार,
तो "यहाँ ऐसे नहीं चलेगा
जाओ अपने घर (मायका)
ये सब वहीं करना।"
सुन रो रोकर
सोचती रहती है,
अब मैं इस घर में नहीं रहूँगी।
रात भर आँसुओं से
तकिया गीला कर,
उल्लू की तरह
आँखें सूजा लेती हैं।
अगले दिन फिर से
सुबह उठकर
तैयार करने लगती है,
बच्चों की टिफिन और
सबके के लिए नाश्ता।
बदलने लगती है
ड्राइंग रूम के कुशन कवर,
और फिर से सींचने लगती है
अपने लगाए पौधों को।
सच में एकदम पागल है!
सोचती कुछ है और
करती कुछ!

 ये औरतें भी न,

पढ़ने वाली ओरत को
ढ़ेर सारा प्यार 😘😃

Friday, 22 June 2018

निष्ठावान Employee मतलब क्या ??

निष्ठावान Employee मतलब क्या ??
Ans: तेजपत्ता
कोई भी सब्जी बनाते समय सबसे पहले उसे ही डाला जाता है
और..
उसी सब्जी को खाते समय सबसे पहले उसे ही खींचकर बाहर फेंका जाता है !!
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 चापलूस Employee मतलब क्या ??
Ans: हरा धनिया
कोई भी सब्जी बनाते समय सबसे बाद मे प्रस्तुत करने के समय डाला जाता है
और..
फिर सब्जी के सारे स्वाद का श्रेय उसे ही दिया जाता है !!
///////////////////////

एक महिला समोसे को खोल
अंदर का मसाला खा
रही थी.
.
किसी ने पूछा:"आप पूरा समोसा क्यूँ नहीं खा रहीं?"
.
औरत बोली:मैं बीमार हूँ डॉक्टर ने बाहर की चीज़ खाने से मना किया हुआ है

/////////////////////////////

लडके वाले - हमें लड़की पसंद है।
लड़की वाले - तो फिर शादी कब करनी है ?
लडके वाले - पर हमारा लड़का अभी पढ़ाई कर रहा है ।
लड़की वाले - तो हमारी लड़की क्या कि‍ताबें फाड़ देगी ?

Saturday, 28 April 2018

शयन करने के लिए कुछ शास्त्रीय विधान


शयन के नियम

  1.  सूने घर में अकेला नहीं सोना चाहिए। देवमन्दिर और श्मशान में भी नहीं सोना चाहिए। (मनुस्मृति)
  2.  किसी सोए हुए मनुष्य को अचानक नहीं जगाना चाहिए। (विष्णुस्मृति)
  3. विद्यार्थी, नौकर औऱ द्वारपाल, ये ज्यादा देर तक सोए हुए हों तो, इन्हें जगा देना चाहिए। (चाणक्यनीति) स्वस्थ मनुष्य को आयुरक्षा हेतु ब्रह्ममुहुर्त में उठना चाहिए। (देवीभागवत)
  4. बिल्कुल अंधेरे कमरे में नहीं सोना चाहिए। (पद्मपुराण)
  5. भीगे पैर नहीं सोना चाहिए। सूखे पैर सोने से लक्ष्मी (धन) की प्राप्ति होती है। (अत्रिस्मृति)
  6. टूटी खाट पर तथा जूठे मुंह सोना वर्जित है। (महाभारत)
  7.  नग्न होकर नहीं सोना चाहिए। (गौतमधर्मसूत्र)
  8.  पूर्व की तरफ सिर करके सोने से विद्या, पश्चिम की ओर सिर करके सोने से प्रबल चिन्ता, उत्तर की ओर सिर करके सोने से हानि व मृत्यु, तथा दक्षिण की तरफ सिर करके सोने से धन व आयु की प्राप्ति होती है। (आचारमय़ूख)
  9.  दिन में कभी नही सोना चाहिए। परन्तु ज्येष्ठ मास मे दोपहर के समय एक मुहूर्त (48 मिनट) के लिए सोया जा सकता है। (जो दिन मे सोता है उसका नसीब फुटा है)
  10.  दिन में तथा सुर्योदय एवं सुर्यास्त के समय सोने वाला रोगी और दरिद्र हो जाता है। (ब्रह्मवैवर्तपुराण)
  11.  सूर्यास्त के एक प्रहर (लगभग 3 घंटे) के बाद ही शयन करना चाहिए।
  12.  बायीं करवट सोना स्वास्थ्य के लिये हितकर हैं।
  13. दक्षिण दिशा में पाँव करके कभी नही सोना चाहिए। यम और दुष्टदेवों का निवास रहता है। कान में हवा भरती है। मस्तिष्क में रक्त का संचार कम को जाता है स्मृति- भ्रंश, मौत व असंख्य बीमारियाँ होती है।
  14.  ह्रदय पर हाथ रखकर, छत के पाट या बीम के नीचें और पाँव पर पाँव चढ़ाकर निद्रा न लें।
  15.  शय्या पर बैठकर खाना-पीना अशुभ है।
  16.  सोते सोते पढना नही चाहिए।
  17. ललाट पर तिलक लगाकर सोना अशुभ है। इसलिये सोते वक्त तिलक हटा दें।

Friday, 30 March 2018

।।श्री इन्दौर चालीसा।।

।।श्री इन्दौर चालीसा।।

नमो नमो जय इन्दौर नगरी, नमो नमो जय अहिल्या नगरी।
उज्जैन तीरथ पास तुम्हारे, जहाँ क्षिप्रा के तट उजियारे।
पास तुम्हारे है ओमकारेश्वर, मांडव महेश्वर और मण्डलेश्वर।
राजवाड़ा तेरी अमिट निशानी, बात ये हर जन मन ने जानी।
माँ बिजासन का तुझमें वासा, सब इन्दौरी जिनके दासा।
हरसिद्धि मंदिर गजब विशाला, गोपाल मंदिर भी शोभावाला।
इन्दौर के कुल दैवत मल्हारी, जो शिव भोले के अवतारी।
रणजीत हनुमान यहाँ विराजे, बड़े गणपति का रूप है साजे।
माँ अन्नपूर्णा भी यहाँ पधारी, पंढ़रीनाथ की किरपा भारी।
जुनी इन्दौर शनिदेव का वासा, सदा रहे हम उनके दासा।
गोमटगिरि की महिमा अपार, जैन धर्म का यहाँ प्रचार।
करबला का नुर निराला, भागे भूत प्रेत ना मन हो काला।
यशवंत रोड़ का जो गुरुद्वारा, वाहे गुरु का गुंजे नारा।
इन्द्रेश्वर महादेव जगजाना, जिससे शहर का इन्दौर नामा।
खजराना गणेश की किरपा तुमपे,
डैली कॅालेज है खुद के दमपे।
मल्हार आश्रम की अपनी पहचान,
यहां से पढ़ के  निकले नेता महान।
क्रिश्चियन कॅालेज अति भारी, होलकर खालसा ने भी बाजी मारी।
एम वाय गीता भवन व गांधी हॅाल, सबकी अपनी एक मिसाल।
होलकर वंश का राज निराला, खुलता यहाँ किस्मत का ताला।
पोहा जलेबी यहाँ सबको भावे, कचौरी समोसा मन ललचावे।
फाग यात्रा की छटा निराली, रंग बिरंगी होली और जगमग दिवाली।
छप्पन दुकान के ये चटकारे, जीभ को ललचाते ये सब सारे।
फुटि कोठी और हवा बंगला, लाल बाग में पेड़ों का जंगला।
लता मंगेशकर सलमान खान, इन्दौर की है ये पहचान।
जॅानी वाकर यहाँ के नायक, कॅामेडी जिनकी मस्ती लायक।
सफाई रखते यहाँ हर जन, इन्दौर भारत में नम्बर वन।
संसद स्पीकर सुमित्रा ताई, कैलाशजी जैसे हैं बड़े भाई।
रमेश मैन्दोला दादा दयालु, जिनसे नगर का विकास है चालु।
ट्रेज़र आइलैण्ड की अपनी शान, सेन्ट्रल मॅाल यहाँ की शान।
देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, उच्च शिक्षा का है देवालय।
सिरपुर बिलावली तालाब है जिसमें, पंछी कलरव करते इनमें।
यशवंत सागर का पानी गहरा, नगर निगम में तिरंगा लहरा।
सराफा बाज़ार की शाम सुहानी, चाट की दुकानें हैं मस्तानी।
सयाजी होटल खुब अति भावे, रेडिसन ब्लू भी नाम कमावे।
श्री माया हॅाटेल आलिशान, फॅार्च्युन लैण्डमार्क का अपना नाम।
बॅाम्बे हॅास्पिटल और अॅरोबिन्दो, मुर्दा भी हो जावे यहाँ जिन्दो।
गोकुल दास और चोइथराम, चिकित्सा जगत में इनका नाम।
इन्टरनेशनल एयरपोर्ट यहाँपे, विदेशी फ्लाइट आती जहाँपे।
सपना संगीता मस्त थियेटर, जबरदस्त आफिस कलेक्टर।
नेहरू उषा राजे स्टेडियम नामा, क्रिकेट खिलाड़ी हर एक जाना।
किशनपुरा पुल जब जो आवे, छतरियों को देख के मन हर्षावे।
मिनी मुम्बई ये कहलाता, इन्दौरियों का मन इठलाता।
चिड़ियाघर में जानवर प्यारे, एम. आर. टेन जैसे रोड़ है न्यारे।
मारोठिया सराफा जैसे हैं बाज़ार, शीतला माता भी एक बाज़ार।
आड़ा बाज़ार में महिला भारी, खजुरी बाज़ार में पुस्तक सारी।
व्हाईट चर्च छावनी जो जावे, मन में अनुपम शांति पावे।
दिल्ली मुम्बईऔर कलकत्ता, इन सब जैसी इन्दौर की सत्ता।
क्रिसेन्ट मयंक जैसे वाटर पार्क, पानी जिनका ब्ल्यु ब्ल्यु डार्क।
मेघदूत गार्डन नेहरू पार्क, हरियाली जिनकी ग्रीन ग्रीन डार्क।
जीवन ज्योति और नित्यानंद, अनाथों को मिलता यहाँ सर्वानंद।
भास्कर पत्रिका अग्निबाण, खबरों का करते जो गुणगान।
NH-3 हाईवे यहाँ से गुजरा, बम्बई बाज़ार में होता है मुजरा।
बापट रीगल जैसे हैं चौराहे, महुनाके पर पाँच पाँच राहें।
सरवटे गंगवाल बस स्टैंड, नौशाद विमल जैसे बैंड।
नूतन महाराजा विद्यालय, एन. सी. सी. का संचालय।
मिलों की झाँकी है झिलमिल, देख के आनंदित होता दिल।
दशहरा का है जो मैदान, राम चलाते वहाँ अग्निबाण।
काँच मंदिर की छटा निराली, देख के मन में आती खुशहाली।
यशवंतराव की शान अनुठी, बात है सच्ची नहीं ये झुठी।
देव गुराड़ीया रमणीय स्थल, शिव दर्शन से सब पाते फल।
उज्जयिनी उपवन है अति प्यारा, नर्मदा क्षिप्रा की यहाँ मिलती धारा।
कजली गढ़ की छटा निराली, मन को मुग्ध कर देने वाली।
रालामंडल का जो है वन, यहाँ पशु पक्षियों का अनमोल धन।
इन्दौर के लोग हैं दिलवाले, हर प्रॅाब्लम को हल कर डाले।
इन्दौर नगरी जो कोई आवे, मन इच्छित काम वो पावे।
एम पी की शान है इन्दौर, भारत की पहचान है इन्दौर।
इन्दौर तो है मेरी जान, जाने सारा हिन्दुस्तान।
ऐसा है इन्दौर हमारा, ये हमको सब जग से प्यारा।
 Love  My Indore.

Monday, 26 March 2018

आदमी जब पत्तल में खाना खाता था,

आदमी जब पत्तल में खाना खाता था,
मेहमान को देख के वह हरा हो जाता था,
स्वागत में पूरा परिवार बिछ जाता था....
बाद में जब वह मिट्टी के बर्तन में खाने लगा,
रिश्तों को जमीन से जुड़कर निभाने लगा..
फिर जब पीतल के बर्तन उपयोग में लेता था,
रिश्तों को साल छः महीने में चमका लेता था...
लेकिन बर्तन कांच के जब से बरतने लगे,
एक हल्की सी चोट में रिश्ते बिखरने लगे ...
अब बर्तन, थर्मोकोल पेपर के इस्तेमाल होने लगे,
सारे सम्बन्ध भी अब यूज़ एंड थ्रो होने लगे ...
  -जय महावीर-