Wednesday, 7 October 2015

* मैसेज की व्यथा *

*  मैसेज की व्यथा *
एक दिन एक थकाहारा ,
दुबला- पतला , मैसेज ,
मेरे पास आया !
आते ही उसने फरमाया !
बोला- पंडितजी :-
मैं फारवर्ड हो-होकर थक गया हूं !
लाखों मोबाईलो में जा-जा कर,
पक गया हूं !
जिसके भी पास जाता हूं ,
वो मुझे आगे भेज देते है !
कोई-कोई वेज तो कोई ,
नॉनवेज देते है !
दौड-दौड कर मैं अनफिट ,
हो गया हूं !
कहीं-कहीं पर तो मैं डिलीट ,
हो गया हूं !
सारे देश के मोबाईलो के भार ,
मेरे पर ही आते है !
कुछ लोग ही है आप जैसे जो ,
रोज नये मैसेज बनाते है !
मैने कहा - मैसेज भाई ,
तेरी पीडा बडी दुखदाई है !
पर मेरी सोच तेरे से भी ,
हाई है !
परिश्रम के बिना तो प्रसिद्धि ,
भी नही मिलती !
बिना श्रम के तो इस देश में ,
रद्दी भी नही मिलती ,
इसलिए चिंता छौड !
और रात-दिन दौड

बेहद शानदार... ऋग्वेद हमे बांटकर खाना सिखाता है...

बेहद शानदार...
ऋग्वेद हमे बांटकर खाना सिखाता है...
जो अनाज खेतों मे पैदा होता है,
उसका बंटवारा तो देखिए...
1. जमीन से चार अंगुल भूमि का
2. गेहूं की बाली के नीचे का पशुओं का
3. पहली फसल की पहली बाली अग्नि की
4. बाली से गेहूं अलग करने पर मूठ्ठी भर दाना पंछियो का
5. गेहूं का आटा बनाने पर मुट्ठी भर आटा चीटियों का
6. चुटकी भर गुथा आटा मछलियों का
7. फिर उस आटे की पहली रोटी गौमाता की
8. पहली थाली घर के बुज़ुर्ग़ो की
9 फिर हमारी थाली,
10. आखरी रोटी कुत्ते की...
ये हमे सिखाती है, हमारी भारतीय संस्कृति..
मुझे गर्व है कि मै इस संस्कृति का हिस्सा हूं...
जय हिन्द, जय भारत...
🚩🚩🚩🚩🚩
मेरी हैसियत से ज्यादा मेरे थाली में तूने परोसा है
तु लाख मुश्किलें भी दे दे मालिक, मुझे तुझपे भरोसा है
एक बात तो पक्की है कि....
छीन कर खाने वालों का कभी पेट नहीं भरता और बाँट कर खाने वाले कभी भी भूखे नहीं मरता !!

Tuesday, 6 October 2015

Ultimate Hit!!!!!!!!

Ultimate Hit!!!!!!!!
😄😄😄
ज्योतिषी : तुम्हारा नाम कविता है ?
कविता : जी महाराज
ज्योतिषी : प्रीत तेरे पति का नाम है ?
कविता : जी जी महाराज (हाँथ जोड़ते हुए)
ज्योतिषी : तेरे दो लड़के और एक लड़की है ?
कविता : जी जी महराज (आश्चर्य से झुक कर
प्रणाम करते हुए)
ज्योतिषी : तूने कल 10 किलो चावल खरीदे है ?
कविता : पैरो पर गिर कर महराज आप तो अंतरयामी
हो
ज्योतिषी : अगली बार कुंडली लाना राशन कार्ड
नही😜😜😜😜...xxx

सच्चा श्राद तो वो है

एक बार रामानंद जी ने कबीर जी से कहा की हे कबीर आज श्राद्ध का दिन है और पितरो के लिये खीर बनानी है.
आप जाइये पितरो की खीर के लिये दुध ले आइये..
कबीर जी उस समय 9 वर्ष के ही थे..
कबीर जी दुध का बरतन लेकर चल पडे...
चलते चलते आगे एक गाय मरी हुई पडी थी.. कबीर जी ने आस पास से घास को उखाड कर गाय के पास डाल दिया और वही पर बैठ गये..

 दुध का बरतन भी पास ही रख लिया...
जब काफी देर होगयी तो रामानंद ने सोचा..
पितरो को छिकाने का टाइम हो गया है.

कबीर अभी तक नही आया..
तो रामानंद जी खुद चल पडे दुध लेने..
चले जा रहे थे तो आगे देखा की कबीर जी एक मरी हुई गाय के पास बरतन रखे बैठे है...

रामानंद जी बोले अरे कबीर तु दुध लेने नही गया..
कबीर जी बोले स्वामी जी ये गाये पहले घास खायेगी तभी तो दुध देगी..

रामानंद बोले अरे ये गाये तो मरी हुई है ये घास कैसे खायेगी??

कबीर जी बोले स्वामी जी ये गाय तो आज मरी है..
जब आज मरी गाय घास नही खा सकती..

तो आपके 1०० साल पहले मरे पितर खीर कैसे खायेगे...?? !!

अतः जो जीवित है उनकी सेवा करो।
सच्चा श्राद तो वो है

Height of Fashion:

Height of Fashion:
Lungi with a zip.

Height of Laziness:
Asking lift for morning walk.

Height of Craziness:
Get blank paper xerox.

Height of Honesty:
Pregnant woman taking 2 tickets.


Height of de-hydration:
Cow giving milk powder.

Height of Hope:
A 99 yr. Old woman going for 295/-recharge to get lifetime incoming.

Height of Stupidity:
Looking through key hole of a glass door.

Height of Suicide Attempt:
A dwarf jumps from the footpath on the road.

Height of friendship:
It's when your friend runs away with your wife ....
And you are really worried for your friend !!

 Height of Attitude:
A Sleeping Beggar puts a Notice Board in front of Him..
Please Do not make noise by dropping coins!!
Use Currency notes.

Height Of Work Pressure:
An Employee Opens His Tiffin Box On The Road Side To See,Whether He Is Going To office, Or Coming Back From office.

1 आदमी अपने बेटे के लिए

1 आदमी अपने बेटे के लिए
1रोबोट लाया जो झूठ बोलने
पर थप्पड़ मारता था।
.
बेटा :- पापा आज मै स्कूल
नही जाऊगां, मेरे पेट मे दर्द है।
(बेटे को पड़ी सट्टाक.... )
.
पापा :- देखा तुने झूठ
बोला इसलिए तुझे सज़ा मिली,
मै जब तेरे जितना था तो मै
कभी झूठ नही बोलता था।,
( पापा को भी पड़ी सट्टाक.... )
.
.
पत्नी :- (हंसते हुए बोली) आप
ही का बेटा है।
(मम्मी को भी पड़ी सट्टाक.... )
चारो ओर सन्नाटा..

Monday, 5 October 2015

झूठ बोलना …

झूठ बोलना …
बच्चों के लिए … पाप ,,
कुंवारों के लिए …. अनिवार्य ,,
प्रेमियों के लिए ….. कला ,,
और …
शादीशुदा लोगों के लिए …
शान्ति से जीने का मार्ग होता है....!!""
✋💀
ये है इस हफ्ते का साप्ताहिक ज्ञान।