Monday, 5 October 2015

एक बार एक आदमी की प्रमोशन के लिए उसका डिपार्टमेंटल इंटरव्यू हुआ।

एक बार एक आदमी की प्रमोशन के लिए उसका
डिपार्टमेंटल इंटरव्यू हुआ।
बॉस: चलो मुझे तुम्हारी अंग्रेजी चैक करने
दो। मैं जो कहूँगा तुम मुझे उसका
"Opposite" बताना।
आदमी: ठीक है सर
बॉस: Good
आदमी: Bad
बॉस: Come
आदमी: Go
बॉस: Ugly
आदमी: Pichhlli
बॉस: Pichhli?
आदमी: UGLY
बॉस: Shut Up !
आदमी: Keep talking
बॉस: Now stop all this
आदमी: Then carry on all that
बॉस: अबे, चुप हो जा... चुप हो जा... चुप
हो जा
आदमी: अबे बोलता जा... बोलता जा...
बोलता जा
बॉस: अरे, यार ...
आदमी: अरे दुश्मन...
बॉस: Get Out
आदमी: Come In
बॉस: My God
आदमी: Your devil
बॉस: shhhhhhh
आदमी: hurrrrrrrrrrrrrr
बॉस: मेरे बाप चुप हो जा..
आदमी: तेरे बेटे बोलते रहो..
बॉस: You are rejected
आदमी: I am selected
बॉस: प्रभु आपके चरण कहाँ है
आदमी: वत्स मेरा सर यहाँ है
बॉस: बाप रे किस पागल से पाला पड़ा है
आदमी: माँ री किसी बुद्धिमान से पाला नहीं पड़ा
बॉस: साले उठा कर पटक दूँगा
आदमी: जीजा लिटा कर उठा लूँगा
फिर आदमी को बॉस ने एक थप्पड़ मारा,
आदमी ने दो जमा दिए
बॉस ने फिर चार मारे
आदमी ने बॉस को मार मार कर बेहोश कर
दिया।
फिर अपने मन मेँ आदमी बोला,
"कल साहब को होश आने पर रिजल्ट पूछता हूँ,
वैसे बॉस को जवाब तो मैने संतोषप्रद ही
दिए हैं।

भारतीय शिक्षा पद्धति में दंड का वैज्ञानिक महत्त्व🌺

भारतीय शिक्षा पद्धति में दंड का वैज्ञानिक महत्त्व🌺
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-चलो कान पकड़ो और उठक बैठक लगाओ"
यह सज़ा मास्टरजी क्यों देते है ,
ये शायद उन्हें खुद भी नहीं मालुम होगा ।
आपको ये जानकर हैरानी होगी की ये सज़ा भारत में प्राचीन गुरुकुल-शिक्षा पद्धति के समय से चली आ रही है ।

तब यह सिर्फ उन बच्चों की दी जाती थी जो पढाई में कमज़ोर थे.
पर अब हर किसी बच्चे को किसी भी गलती के लिए दे देते है ; क्योंकि उन्हें इसके पीछे का विज्ञान नहीं पता ।

हाथ क्रॉस कर कान पकड़ने की मुद्रा ब्रेन के मेमोरी सेल्स की ओर रक्त संचालन में वृद्धि करती है ।

साथ ही यह ब्रेन के दाए और बाए हिस्से में संतुलन स्थापित कर ब्रेन के कार्य को और बेहतर बनाती है ।

यह मुद्रा चंचल वृत्ति को शांत भी करती है.कान में मौजूद एक्युप्रेशर के बिंदु नर्व्ज़ के कार्य को सुचारू बनाते है और बुद्धि का विकास करते है ।

यह मुद्रा ऑटिज्म , एसपर्जर सिंड्रोम , लर्निंग डिसेबिलिटी , बिहेवियर प्रॉब्लम में भी मदद करती है ।

आज हम स्मरण शक्ति बढाने वाली इस मुद्रा को भुला चुके है और दुसरी तरह की सज़ा जैसे हेड डाउन , क्लास के बाहर निकालना , अर्थ दंड आदि देते है ।

पर पश्चिमी देशों में इसका बहुत उपयोग किया जा रहा है ।

इसे कई बीमारियों में भी करने का परामर्श दिया जा रहा है ।

गणित का जादू

आज हम आपको आपके मोबाइल नंबर से आपकी उम्र बताएंगे।

विश्वास नहीं हो रहा ?
चलो ट्राय कर लो।

1. सबसे पहले अपने मोबाइल का आखरी अंक सोचिये ।

2. अब उसको 2 से गुणा करिये।

3. अब उसमे 5 जोड़ दीजिये।

4. अब उसको 50 से गुणा करिये।

5. अब उसमे 1765 जोड़िये।

6. अब उसमे से अपना जन्मवर्ष(सन्) ×××× घटा दीजिये।

7. आपको 3 अंक प्राप्त होंगे।इसमें पहला अंक आपके मोबाइल का आखरी अंक हे और बचे दो अंक आपकी उम्र हे।
मजा आए तो थेंक्स जरूर बोलना।

Sunday, 4 October 2015

अंग्रेजी का एक निबंध याद किया था….’MY FRIEND’

[एग्जाम के पहले संता ने
अंग्रेजी का एक निबंध याद
किया था….’MY FRIEND’
और एग्जाम में आया …..’MY
FATHER’
पर संता घबराया नहीं…
होशियारी दिखाई और याद
किए
हुए निबंध में “Friend” शब्द की जगह
“Father”
लिखकर आ गया…
जिस Examiner ने
उसकी कॉपी चेक की, वह आज
तक बेहोश है… !!
संता ने लिखा…
I AM A VERY FATHERLY PERSON.
I HAVE LOTS OF FATHERS.
SOME OF MY FATHERS ARE MALE
AND SOME ARE FEMALE.
MY MOTHER IS VERY CLOSE TO
MANY OF MY FATHERS.
My uncle is also my Father.
MY TRUE FATHER IS MY
NEIGHBOUR..
And I love all my Fathers.
b’coz
Har ek Father zaruri hota hai…

आदरणीय 🍚रसगुल्ला मामा 😎सादर प्रणाम 👏 ।।

आदरणीय
🍚रसगुल्ला मामा 😎सादर प्रणाम 👏 ।।
बड़े हर्ष के साथ सूचित कर रहा हूँ कि आपकी 😎भान्जी बर्फी देवी 👧की शादी पेठा नगर🍙 के मिष्ठान भण्डार🍤🍖🍨🍰🍧🍡🍬🍩🍥नामक गांव के सेठ छेनादास👴 के ज्येष्ठ पुत्र गुलाब जामुन🍘के साथ १५ सितम्बर को होना सुनिश्चित हुआ है ।
अतः आप उक्त अवसर पर रसमलाई मामी🍜 एवं जलेबी मौसी🍤 को लेकर सुबह दस बजे वाली रबड़ी एक्सप्रेस ट्रेन 🚉 द्वारा छोला बटूरा स्टेशन 🏪 पर पहुंचे ।
वहां आपके स्वागत के लिए पेड़ा चाचा👳, समोसा भइया 👦 एवं इमरती बहन👩 मिलेंगे ।
                   धन्यवाद
      अन्त में आपका आज्ञाकारी भान्जा
       हाजमोला😜
   खाया पिया पचाया😝😝😝😝😜😜

Friday, 2 October 2015

अचानक एक मोड पर सुख और दुख की मुलाकात हो गई

अचानक एक मोड पर सुख और दुख की मुलाकात हो गई

दुख ने सुख से कहा, : - तुम कितने भाग्यशाली हो, जो  लोग तुम्हें पाने की कोशिश में लगे रहते हैं....।
सुख ने मुस्कराते हुए कहा :- भाग्यवान मैं नहीं तुम हो...।
दुख ने हैरानी से पूछा :- " वो कैसे?
सुख ने बडी ईमानदारी से जवाब दिया :- वो ऐसे कि तुम्हे पाकर लोग अपनों को याद करते हैं, लेकिन मुझे पाकर सब अपनो को भूल जाते हैं..।

Thursday, 1 October 2015

" चंदन " से " वंदन " ज्यादा शीतल होता हैे,

" चंदन " से " वंदन "
ज्यादा शीतल होता हैे,

" योगी " होने के बजाय
" उपयोगी " होना ज्यादा अच्छा हैे,

"प्रभाव " अच्छा होने के बजाय
"स्वभाव " अच्छा होना ज्यादा जरूरी है। !
👏
हँसता हुआ चेहरा आपकी शान
बढ़ाता है

मगर....

हँसकर किया हुआ कार्य आपकी
पहचान बढ़ाता है!!...🙏